
Family ID एक सरकारी पहचान संख्या (Unique Identification Number) होती है, जो एक परिवार के सदस्यों को एक साथ जोड़ने के लिए बनाई जाती है। ताकि सरकार को परिवार की पूरी जानकारी एक जगह पर मिल सके और सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लोगों तक आसानी से पहुँच सके।
यह एक परिवार की पहचान (Digital Family Identity) होती है, जो परिवार के सभी सदस्यों के नाम, उम्र, आधार नंबर, पता, संबंध (जैसे पिता, माता, पुत्र आदि) दर्शाते है।
सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए परिवार पहचान पत्र योजना शुरू की है ताकि प्रत्येक परिवार को रोज़गार के अवसर और कल्याणकारी लाभ प्राप्त हो सके । परिवार पहचान पत्र लाभार्थियों की सटीक पहचान, सार्वजनिक सेवाओं तक पहुँच में सुधार और उन पात्र नागरिकों को शामिल करने में मदद करता है जो अन्यथा मौजूदा कल्याणकारी कार्यक्रमों से वंचित रह सकते हैं।
इस पहल के तहत, प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट 12अंको का परिवार पहचान पत्र प्राप्त होता है, जिससे सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लक्षित वितरण में सहायता के लिए एक वास्तविक समय, व्यापक डेटाबेस तैयार करना संभव हो पाता है।
वर्तमान में, राज्य में लगभग 3.6 करोड़ परिवार और 15 करोड़ आधार-सत्यापित राशन कार्ड धारक हैं। इन परिवारों के लिए, राशन कार्ड संख्या उनकी परिवार पहचान पत्र के रूप में कार्य करती है और इसे आधिकारिक पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, वे साईट पर पंजीकरण करके और परिवार के सभी सदस्यों का विवरण जोड़कर एक नई परिवार पहचान पत्र बना सकते हैं।
🔹 आवश्यक दस्तावेज़:
- आधार कार्ड (सभी परिवार सदस्यों की)
- फोटो
- राशन कार्ड
- मोबाइल नंबर
Family ID बनवाने की पूरी प्रक्रिया बता क्या है?
वेबसाइट https://familyid.up.gov.in/https://familyid.up.gov.in/खोलें → (New Registration) पर क्लिक करें।

अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालें और OTP आने पर सत्यापन (Verification) करें।

फिर परिवार के सदस्यों की जानकारी भरें —

- नाम
- आधार नंबर
- संबंध (पिता, माता, पत्नी, पुत्र आदि)
- जन्म तिथि
- पता
सबमिट करने के बाद आपको एक Family ID नंबर मिलेगा।
आप इसे डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।
💡 Family ID के फायदे
- ✅ सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलता है ।
- ✅ सरकारी रजिस्टरों में आपका विवरण हअपडेट रहेगा।
- ✅ परिवार के सदस्यों का डेटा एक साथ रहता है ।
- ✅ नौकरी, छात्रवृत्ति, पेंशन, राशन आदि सेवाओं के लिए बार-बार दस्तावेज़ नहीं देने पड़ेंगे।

